Swami Vivekanand Motivational Quotes

Swami Vivekanand Motivational Quotes

Swami Vivekanand Motivational Quotes

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यह सोचना ही सबसे बड़ा पाप है 
कि मैं निर्मल हूं 
या दूसरे लोग कमजोर है

जो लोग इसी जन्म में मुक्ति पाना चाहते हैं
 उन्हें एक ही जन्म में हजारों वर्षों का कर्म करना 
पड़ेगा |

किसी दिन 
जब आपके सामने कोई समस्या ना आए,
 आप सुनिश्चित हो सकते हैं 
कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं|

हम वह हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है,
 इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या 
सोचते हैं|

मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान है 
जब वह केंद्रित होती है चमक उठती है
कभी मत सोचिए की आत्मा के लिए कुछ असंभव
 है,
 ऐसा सोचना सबसे bda विपक्ष धर्म है 
अगर कोई पाप है, तो वह यही है यह कहना कि तुम
 निर्बल हो या अन्य निर्मल है

एक समय में एक काम करो,
 और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें
 डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ ||

जो तुम सोचते हो वह हो जाओगे
 यदि तुम खुद को कमजोर समझते हो तुम कमजोर
 हो जाओगे,
 अगर खुद को ताकतवर सोचते हो
 तुम ताकतवर हो जाओगे

एक वक्त में एक ही काम करो,
 और उस काम को करते समय अपना सब कुछ
उसी में झोंक दो |

जिस तरह से विभिन्न स्त्रोतों से उत्पन्न धाराएं
 अपना जल समुद्र में मिला देती है,
 उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना गया हर मार्ग, चाहे अच्छा 
हो या बुरा भगवान तक जाता है ||

हम जो बोलते हैं वह काटते हैं हम स्वयं अपने भाग्य 
के विधाता है,
 हवा बह रही है वह जहाज जिनके  पाल
 खुले हैं,

 इससे टकराते हैं, और अपनी दिशा में आगे बढ़ते हैं,
 पर जिनके पाल बंदे हवा को नहीं पकड़ पाते,
 क्या यह हवा की गलती है?
 हम खुद अपना भाग्य बनाते हैं ||

संघर्ष जितना कठिन होता है
 सफलता उतनी ही बड़ी मिलती है

सत्य को
 हजार तरीकों से बताया जा सकता है
 फिर भी हर एक सत्य ही होगा |

विश्व एक व्यामशाला है 
जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं |

केवल वही व्यक्ति भगवान पर विश्वास नहीं करता
 है
 उसे खुद पर विश्वास नहीं होता है |

दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो

खुद को कमजोर समझना
 सबसे बड़ा पाप है

हम जितना ज्यादा बाहर जाये
और दूसरों का भला करे
हमारा हिरदय उतना ही शुद होगा
और परमात्मा उसमे बसेंगे

अगर शिक्षा चरित्र का निर्माण नहीं करती है और 
लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत
 नहीं बनाती है
 तो वहां शिक्षा अधूरी है

जेक्षण मैंने यह जान लिया है कि भगवान हर एक
 मानव शरीर रूपी मंदिर में विराजमान है
 जिस चरण में हर व्यक्ति के सामने श्रद्धा से खड़ा हो
 गया और उसके भीतर भगवान को देखने लगा
 उसी क्षण में बंधनों से मुक्त हो
 हर वह चीज जो बांधती है या नष्ट हो गई
 और मैं स्वतंत्र हूं

 जिंदगी में हमें 
बने बनाए रास्ते नहीं मिलते हैं
 जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए
 हमें खुद अपने रास्ते बनाने पड़ते हैं

तुम्हें अंदर से बाहर की तरफ विकसित होना है
 कोई तुम्हें पढ़ा नहीं सकता कोई तो मैं आध्यात्मिक
 नहीं बना सकता तुम्हारी आत्मा के अलावा कोई
 गुरु नहीं है \

जो भी चीज तुम्हें कमजोर बनाती है
 तुम चीजों को बंद समझकर त्याग दो....! तभी तो
 उन्नति कर पाओगे ||

अगर शिक्षा चरित्र का निर्माण नहीं करती है और 
लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत
 नहीं बनाती है

 तो वहां शिक्षा अधूरी है

हमारे कर्तव्य है कि हम हर किसी को उसका 
उत्तम आदर्श जीवन जीने के संघर्ष और प्रोत्साहन
 करें,
 और साथ ही साथ उस आदर्श को सत्य के जितना
 निकट हो सके लाने का प्रयास करें

आज भारत को आवश्यकता है- लोहे जैसी
 मांसपेशियों की और वजह से स्नायु की ,
भारतवासी बहुत दिनों तक हो चुके हैं, और अब
 रोने की जरूरत नहीं है
 अब जरूरत है....! अपने पैरों पर खड़े होने की
 और अपने और अपने राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के 
निर्माण की

कुछ सच्चे, ईमानदार और ऊर्जावान पुरुष और
 महिलाएं, जितना कोई भीड़ एक सदी में कर
 सकती है उससे अधिक एक वर्ष में कर सकते हैं!

भला हम भगवान को खोजने कहां जा सकते हैं
 अगर उसे अपने हृदय और हर एक जीवित प्राणी में
 नहीं देख सकते |

दूसरों की मदद के इंतजार में
 समय गंवाना मूर्खता है,
 खुद पर निर्भर रहकर ही
 सफलता पा सकते हैं

सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य 
यह है;-
1. वह पुरुष स्त्री जो बदले में कुछ नहीं मांगता
2. पूर्ण रूप से निस्वार्थ व्यक्ति सबसे सबसे सफल है|
भगवान की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की
 जानी चाहिए,
 इस या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर|
वेदांत कोई पाप नहीं जानता है वह केवल त्रुटि
 जानता है,
 और वेदांत कहता है की सबसे बड़ी त्रुटि यह कहना
 कि तुम कमजोर हो,
 तुम पापी हो,
 तुम तुच्छ प्राणी हो,
 और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम यह - वो 
नहीं कर सकते
लोग तुम्हारी प्रशंसा करें या आलोचना.
 तुम्हारे पास धन हो या नहीं हो,
 तुम्हारी मृत्यु आज हो या बड़े समय बाद हो, तुम्हें
  पथभ्रष्ट नहीं होना चाहिए|
हम जो बोलते हैं वह काटते हैं हम स्वयं अपने भाग्य 
के विधाता है,
 हवा बह रही है वह जहाज जिनके  पाल
 खुले हैं,

 इससे टकराते हैं, और अपनी दिशा में आगे बढ़ते हैं,
 पर जिनके पाल बंदे हवा को नहीं पकड़ पाते,
 क्या यह हवा की गलती है?
 हम खुद अपना भाग्य बनाते हैं ||
बस वही जीते हैं,
जो दूसरों के लिए जीते हैं
प्रत्येक बड़े का काम को तीन चरणों से होकर गुजरना
 पड़ता है|
 1. उपहास 
2.विरोध 
3. स्वीकृति
बस वही जीते हैं,
जो दूसरों के लिए जीते हैं

अगर शिक्षा चरित्र का निर्माण नहीं करती है और 
लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत
 नहीं बनाती है
 तो वहां शिक्षा अधूरी है

मनुष्य की सेवा करो,
 भगवान की सेवा करो |
श्री रामकृष्ण कहा करते थे-,
 जब तक मैं जीवित हूं, तब तक मैं सीखता हूं,
 वह व्यक्ति यह समाज जिसके पास सीखने को
 कुछ नहीं है मैं पहले से ही मौत के जबड़े में है ||
जो लोग तुम्हें गाली दे तो तुम उन्हें दो,
 सोचो, तुम्हारे झूठे तंबू को बाहर निकल कर 
 तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं
उठो जागो और तब तक नहीं रुको,
  जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये ||
दुर्बलता को ना तो  आश्रय दो
 ना दुर्बलता को बढ़ावा दो
जीवन सतत बहाव का नाम है,
 रुकी हुई जिंदगी बोझ बन जाती है |
अगर धन का उपयोग दूसरों की भलाई के लिए
 नहीं किया जाता है,
 तो धन बोझ बन जाता है और उस बोझ
 तले व्यक्ति 

ढलता चला जाता है
आकांक्षा,
 अज्ञानता,
 और असमानता-
 यह बंधन की तीन त्रिमूर्तिया है

अगर शिक्षा चरित्र का निर्माण नहीं करती है और 
लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत
 नहीं बनाती है
 तो वहां शिक्षा अधूरी है

ब्रह्मांड के की सारी शक्तियां पहले से ही हमारी है|
 वह हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं|
 और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है|
आत्मा के लिए कुछ असंभव नहीं है.
किसी की निंदा ना करें,
 अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हो, तो
 जरूर बड़ा है
 अगर नहीं बढ़ा सकते तो अपने हाथ जोड़ी है अपने
 भाइयों को आशीर्वाद दीजिए और उन्हें अपने मार्ग
पर जाने दीजिए
जिस व्यक्ति के साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं,
 वह कभी अकेले नहीं होता है
सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे 
होना | स्वयं पर विश्वास करो
स्वतंत्र होने की हिम्मत करो तुम्हारे विचार 
जहां तक ले जाते हैं कहां तक जाने की हिम्मत करो,
 और अपने विचारों को जीवन में डालने की
 हिम्मत करो
अगर आप समस्याओं का सामना
 नहीं कर रहे हैं,
 तो शायद आप
 गलत रास्ते पर चल रहे हैं
निर्भय व्यक्ति ही कुछ कर सकता है डर डर कर
 जाने वाले लोग कुछ नहीं कर सकते
 किसी भी चीज से डरो मत तभी तुम अद्भुत काम
 कर सकोगे

 निडर हुए बिना जीवन का आनंद लिया जा सकता
केवल वही व्यक्ति भगवान पर विश्वास नहीं करता
 जिसे खुद पर विश्वास नहीं होता है
एक विचार लो उस विचार को अपना जीवन बना
लो,
 उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार
 को जियो
 अपने मस्तिष्क मांसपेशियों नसों शरीर के हर
 हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी
 सभी विचारों  को किनारे रख दो
 यही सफल होने का तरीका है
कुछ मत पूछो,
 बदले में कुछ मत मांगो,
 जो देना है वह दे दो,
 वह तुम तक वापस आएगा,
 पर उसके बारे में अभी मत सोचो
बाहरी स्वभाव
 केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है
किसी से कुछ मत मांगिए,
 किसी से कोई अपेक्षा मत रखिए,
 चुपचाप अपने कार्य में लगे रहिए
एक विचार लो उस विचार को अपना जीवन बना
लो,
 उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार
 को जियो
 अपने मस्तिष्क मांसपेशियों नसों शरीर के हर
 हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी
 सभी विचारों  को किनारे रख दो
 यही सफल होने का तरीका है
जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर
 अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या
 मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है
इस दुनिया में सभी भेदभाव
 किसी स्तर के हैं,
 ना कि प्रकार के,
क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य
यदि स्वयं
 में विश्वास करना,

 और अधिक विस्तार से पढ़ाया और अभ्यास
 कराया गया होता,
 तो मुझे यकीन है कि  बुराइयों और दुख का एक
 बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता
जब तक जीवित हो तब तक अपने और दूसरों के
अनुभवों से सीखते रहना चाहिए
 क्योंकि अनुभव सबसे बड़ा गुरु होता है
अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करें,
 तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा यह सिर्फ बुराई का 
एक ढेर है 
और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाए
 उतना बेहतर है
सबसे बड़ा धर्म अपने स्वभाव के प्रति सच्चा 
होना|
 स्वयं पर विश्वास करो
निरंतर सीखते रहना ही जीवन है,
 और रुक जाना ही मृत्यु है
ठोकरे खाने के बाद ही 
अच्छे चरित्र का निर्माण होता है
उस व्यक्ति ने अमर तत्व प्राप्त कर लिया है,
जो किसी सांसारिक वस्तुओं से व्याकुल व्याकुल नहीं होता है

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